किसानों के हक की आवाज उठाई

किसानों के हक की आवाज उठाई

अखिल भारतीय किसान सभा के तत्वाधान में गुरुवार को संगठन के राष्ट्रीय महासचिव अतुल कुमार अंजान के नेतृत्व में किसानों ने जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने मासिक पेंशन सहित कई मांगों को लेकर जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव अतुल कुमार अंजान ने कहा कि किसानों के प्रति केंद्र और राज्य की सरकारें बहरी और गूंगी हो गई हैं। लेकिन किसान चुप रहने वाले नहीं हैं। सरकारों को सामाजिक सुरक्षा के सवाल पर उन्हें 10 हजार रुपये मासिक पेंशन देनी होगी। कहा कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री गरीबों और किसानों के प्रति मसीहा बनकर पेश हुए थे। काला धन वापस वापस लाकर सभी परिवार के खाते में 15 लाख रुपये देने का वादा किया था।

इसके अलावा महंगाई रोकने, सीमा पर शांति और सुरक्षा के साथ ही भ्रष्टाचार मुक्त भारत की बात कही थी। कहा कि उन्होंने किसानों के उपज का लाभकारी मूल्य अतिरिक्त 50 प्रतिशत बोनस देने और हर साल दो करोड़ बेरोजगारों को रोजगार और किसानों के कर्ज माफी की बात कही थी। लेकिन दो साल से अधिक समय हो गया सभी वादे खोखला साबित हुए। प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कि सपा सरकार में सभी विभागों के अधिकारी निरंकुश हो चुके हैं।

प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। धरना प्रदर्शन के उपरांत कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान राजकुमार भारती, अर्चना उपाध्याय, देवेंद्र मिश्र, मदनलाल, हिसामुद्दीन, वीरेंद्र , विनोद सिंह, सूर्यदेव पांडेय, अखिलानंद पांडेय, पीएन, जितेंद्र, सुभाषचंद आदि रहे।
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